भोपाल . यूएल(अपर लेक) 1234, एलएल(लोअर लेक) 5678... गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन नंबर की तर्ज पर कुछ इसी तरह शहर के तालाबों में चलने वाली हर बोट का एक यूनिक रजिस्ट्रेशन नंबर होगा। हादसों को रोकने अौर अवैध बाेटिंग पर लगाम लगाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
दरअसल, खटलापुरा हादसे से सबक लेते हुए नगर निगम ने शहर की हर झील में चलने वाली नावों का पंजीयन करने और नाविकों को पहचान पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले दिन 119 नाविकों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया। निगम इन नाविकों की बोट का निरीक्षण कर उसे एक विशेष नंबर देगा। रजिस्ट्रेशन के बाद हर माह नाव की जांच होगी। इसके बाद बड़े तालाब के साथ अन्य तालाबों में भी बोट क्लब संचालित होंगे। सोमवार सुबह 9 बजे से बड़े तालाब पर बोट क्लब और छोटे तालाब पर काली घाट पर शिविर लगाया गया था। शाम तक छोटे तालाब पर 67 और बड़े तालाब पर 52 नाविकों ने रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिए।
हकीकत ऐसी भी.... शहर में कितनी बोट और कितने नाविक, इसकी कोई जानकारी ही नहीं : अनंत चतुर्दशी पर छोटे तालाब के खटलापुरा घाट पर नाव पलटने की घटना होने पर प्रशासन के ध्यान में यह बात आई कि शहर में कितनी नाव हैं और कितने नाविक हैं, इसका कोई डेटा किसी एजेंसी के पास नहीं है। एेसे में इन पर न तो नियंत्रण संभव है और न इनके वेलफेयर के लिए कोई योजना बनाई जा सकती है। अधिकारिक रूप से शहर में केवल बड़े तालाब और हथाईखेड़ा के बोट क्लब पर बोटिंग होती है। लेकिन छोटे तालाब के नीलम पार्क और काली घाट पर भी कुछ लोग बोटिंग करते नजर आते हैं।
अब देना होगी यह जानकारी... नाविक कौन है, बोट की क्षमता क्या है, और कहां चल रही है : निगम हर तालाब की उसी तरह सिरीज बनाएगा जैसी अलग-अलग प्रदेशों के वाहनों के रजिस्ट्रेशन के लिए तय हैं। एेसे में हर तालाब में कितनी बोट संचालित हो रही हैं, उनका नाविक कौन है, बोट की क्षमता क्या है जैसी तमाम जानकारियां निगम के पास मौजूद रहेंगी।
पर्यटन निगम के इनकार के बाद कलेक्टर को अपना ही आदेश करना पड़ा संशोधित : 9 सितंबर को कलेक्टर तरुण पिथोड़े ने नाव से हादसा होने की आशंका जताते हुए नावों का रजिस्ट्रेशन करने, लाइसेंस देने और उसका परीक्षण करने के लिए पर्यटन निगम को अधिकृत किया था। लेकिन पर्यटन निगम द्वारा बड़े तालाब के अलावा अन्य तालाबों में नावों पर नियंत्रण से इनकार कर दिया। इसके बाद कलेक्टर ने अपने आदेश में संशोधन कर इसके लिए नगर निगम को अधिकृत किया। निगमायुक्त बी विजय दत्ता ने झील संरक्षण प्रकोष्ठ को पंजीयन शुरू करने के निर्देश दिए।
नाविकों के रजिस्ट्रेेशन के बाद... उनके परिवार की महिलाओें का एक स्व सहायता समूह बनाएंगे : निगमायुक्त बी विजय दत्ता ने कहा कि नाविकों के रजिस्ट्रेशन के बाद उनके परिवारों की महिलाओं का एक स्व सहायता समूह बनाने का विचार है। इन महिला सहायता समूहों को बोट क्लब पर कियोस्क आवंटित किए जा सकते हैं, जहां वे चाय- नाश्ता आदि का व्यवसाय कर रोजगार से जुड़ सकती हैं।