सेना प्रमुख जनरल रावत ने कहा- गोपनीयता से समझौता हुआ तो कोई योजना काम नहीं करेगी
'आज हम ऐसी विदेशी तकनीकों के साथ काम कर रहे हैं, जिनमें धोखाधड़ी संभव है'
नई दिल्ली. सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि देश के सुरक्षाबलों के लिए गोपनीयता बेहद अहम मुद्दा है। यदि इसके साथ समझौता होता है तो कोई योजना काम नहीं करेगी। आज हम ऐसी विदेशी तकनीकों पर काम कर रहे हैं, जहां धोखाधड़ी संभव है। हमें इसके लिए स्वदेशी प्रणाली विकसित करने की जरूरत है।
जनरल रावत दिल्ली में डेफकॉम इंडिया-2019 में शिरकत करने पहुंचे थे। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन दूरसंचार पर सेना के खर्च के बारे में चर्चा के लिए किया जा रहा है।
'सूचना की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने की जरूरत'
जनरल रावत ने कहा, ''सेना में समन्वय के साथ काम करना एक ऐसा मुद्दा है, जिसके समाधान की जरूरत है। ऐसा केवल सभी संचार नेटवर्क को जोड़कर किया जा सकता है। इंटरनेट युग में सूचना डोमेन संचार का एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू है। विपरीत स्थितियों में भी सूचना सुरक्षा की क्षमताएं बढ़ाने की जरूरत है।''
सेना के तीनों अंगों को जोड़ने के लिए संचार साधन अहम: जनरल रावत
सेना प्रमुख ने कहा- संचार और ढांचागत सुविधाएं हमारे सेंसरों, शूटरों और निर्णय लेने वालों से जुड़ा होना चाहिए। ऐसा जरूरी है क्योंकि, निर्णय लेने वालों को एक साथ मिलकर, सही समय पर फैसला करना होता है। सेना के तीनों अंगों को जोड़ने के लिए संचार की भूमिका दरकिनार नहीं की जा सकती। आधुनिक युद्धक्षेत्रों में सफलता बिना किसी बाधा वाली संचार साधनों पर ही निर्भर करेगी।